रविवार, 8 अगस्त 2010

भारत भूमि धन्य हुई , विश्व के सबसे अमीर अमेरिकी अमीरों ने आवाज दी

भारत भूमि धन्य हुई , विश्व के सबसे बड़े अमेरिकी अमीरों ने आवाज दी . बिल गेट्स और वार्रेन बफ्फेट जो अमेरिका के सबसे बड़े धनी हैं ने भारत और चीन के अमीरों से यह अनुरोध किया है कि वे अपनी आधी सम्पती दान कर दें  .
बिल और वारेन ने यह अभियान अमेरिका में प्रारंभ किया है . अब वे यह सन्देश भारत और चीन तक पहुँचना चाहते हैं . विस्तृत विवरण यहाँ पढ़ें .
http://in.news.yahoo.com/20/20100806/372/tbs-buffet-and-gates-to-urge-indian-rich.html

10 टिप्‍पणियां:

डॉ टी एस दराल ने कहा…

अमेरिकन्स तो तैयार हैं। पर क्या हमारे धनाढ्य ऐसा करेंगे !
देखते हैं ।

राज भाटिय़ा ने कहा…

अजी भारत के अमीर...? जो इन गरीबो का हक्मार मार कर अमीर बने है, क्या वो ऎसा करने की हिम्मत करेगे, नही बिलकुल नही,जो अपनी मेहनत से अमीर बना है वो तो जरुर करेगा, लेकिन जो हेरा फ़ेरी से, ओर अपना जमीर बेच कर बने है..... वो कभी नही करेगे.....

Mahak ने कहा…

बात तो एकदम सही कही है ,ये सारा धन,संपत्ति,वैभव आदि कोई हमारे या उनके साथ तो जाना नहीं है तो क्यों ना उस मालिक के घर जाने से पहले इसे इंसानियत की भलाई में लगाया जाए

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

बिल गेट्स का सुन्दर प्रयास।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

ताऊओं से इसकी अपेक्षा मत किजिये, नही करेंगे जी...सौ प्रतिशत पक्का समझ लो आप तो.

रामराम.

arvind ने कहा…

mujhe to sandeh hai ki bharat ke ameer aisa karenge.

कुमार राधारमण ने कहा…

कोई अगर गलत तरीके से अमीर बना है,तो व्यवस्था दुरूस्त की जानी चाहिए। जो मेहनत से अमीर बने हैं,वे दान दें या न दें,उनके विवेक पर छोड़ा जाना चाहिए। अमीरों का पैसा बांटने से गरीबी नहीं मिटेगी। यह ख़तरनाक मांग है जो गरीब को और काहिल बनाने के लिए है।

शिक्षामित्र ने कहा…

गांधी और विनोबा ने ऐसी ही व्यवस्था की कल्पना की थी मगर ऐसा कोई उदाहरण ध्य़ान नहीं आता जब किसी उद्योगपति ने इस पर अमल किया हो।

छत्तीसगढ मीडिया क्लब ने कहा…

सुन्दर पोस्ट, छत्तीसगढ मीडिया क्लब में आपका स्वागत है.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

हमारे यहाँ अभी भी परिवारवाद ज्याद हावी है ... शायद ही कोई ऐसा करे ...