कृष्णप्पा नाम के एक स्थानीय व्यक्ति का कहना है की पहले तो इसने चुपचाप विरोध किया द्वार पर खड़े हो कर, लेकिन जब तोड़ने वालों ने ध्यान नहीं दिया तो वानर ने वार कर दिया .
लोगों का कहना है की इसके पहले इसने कभी किसी पर आक्रमण नहीं किया . लोग अब इसकी पूजा हनुमान जी के रूप में कर रहे हैं