शनिवार, 18 जुलाई 2009

क्या आप ब्लोगोह्लिक या ब्लोगोमेनिअक तो नहीं हो रहे ?

यदि आप दिन रात ब्लॉग से लगे रहते हैं या ६ से ८ घंटा इसी क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं तो ये मेनिया के लक्षण हैं . आपकी सुबह प्रारंभ और रात्रि अंत ब्लॉग से हो तो भी आप इस श्रेणी में आते हैं .

अगर आप दिन में कम से कम दो बार ब्लॉग जगत में घूम रहे हैं हर बार २-३ घंटे तो माने आप अल्कोहोलिक हो गए .

इस अवस्था को लाने के कुछ प्रायोजक भी हैं जो लोगों को इस दुनिया में पहुंचाकर खुद गायब हो जाते हैं . ये हैं ब्लॉग वाइरस जो इस रोग को फैला कर खुद अप्रभावित रहते हैं . इसका कोई इलाज भी नहीं है .

ब्लोगोस्फिअर की इस दुनिया में नित नए लक्षण जुड़ते रहते हैं

ब्लोगेरिया

ईमेलिया

ब्लोगोफोबिया

4 टिप्‍पणियां:

venus kesari ने कहा…

क्या आप ब्लोगोह्लिक या ब्लोगोमेनिअक तो नहीं हो रहे ?

और क्या रात २.१५ बजे झक मार रहे है :)

कोई मुझे इस बीमारी से बचाओ

वीनस केसरी

Udan Tashtari ने कहा…

मुझे मेनिया के लक्षण हैं कृप्या दवाई बतायें. :)

Vivek Rastogi ने कहा…

ओह हम तो इन सब बीमारियों से ग्रस्त हैं... कोई इलाज भी तो बताईये।

Anil Pusadkar ने कहा…

वाह डाक्टर साब!बीमारी तो बता रहे मगर ईलाज नही?