एक लम्बे अंतराल के बाद ब्लॉग जगत में उपस्थित हूँ. इस बीच उत्तराखंड की यात्रा पर था . इसे सही रूप से देवभूमि नाम दिया गया है . वहाँ जाकर इतनी शांति और सौम्यता का अनुभव होता है जो कि किसी अन्य स्थान में कम ही होता है . भारत में मैंने काफी भ्रमण किया है, उत्त्तर पूर्व को छोड़कर. बिरले ही ऐसी जगह हैं जहाँ इतना अच्छा लगता है . पर्वतीय स्थलों में भी इसकी तुलना केवल मानसरोवर से की जा सकती है .
रायपुर से हरिद्वार तक रेल यात्रा और उसके बाद सड़क मार्ग से यह यात्रा सम्पन्न हुई. छोटी मोटी रुकावटों को छोड़कर
यात्रा सकुशल सम्पन्न हुइ. कुछ चित्र देखें :- तकनीक की पहुँच
केदारनाथ जी का शिखर रात्रि में
क्रमशः :-
मंगलवार, 29 सितंबर 2009
शुक्रवार, 11 सितंबर 2009
क्या है आपका पितृपक्ष
आज मीनू खरे जी के ब्लॉग पर नजर पड़ी.
सारे धर्म अपने बुजुर्गों का सम्मान करना सिखाते हैं . एक बात जो यहाँ सामने आ रही है उसपर मैं अपने विचार रखना चाहता हूँ .
हिन्दू धर्मं में मान्यता है पुनर्जन्म की और यह अन्य धर्मों में भी है, कुछ दूसरी तरह से . इस्लाम में कहा जाता है कि एक दिन सब फिर उठ खड़े होंगे इसलिए शरीर को दफनाया जाता है . बौद्ध धर्मं ( Life after death) ने जितना काम किया है मृत्यु और उसके बाद पर शायद ही किसी और धर्म ने किया है या जाहिर किया है . इसी सन्दर्भ में कहा जाता है कि जिस वंश कि मुक्ति होनी है उस वंश में लड़के का जन्म नहीं होगा . इसका कारण यह बताया गया है कि पुत्र को परिवार का वाहक माना गया है . भ्रम यह है की जहाँ पुत्र नहीं होगा वहां वंश ख़त्म हो जायेगा जबकि स्तिथि विपरीत है . यह एक मुक्ति का द्वार है . अब यह आप पर है आप कौनसा मार्ग अपनाना चाहते हैं
गुरुवार, 10 सितंबर 2009
मंगलवार, 8 सितंबर 2009
जड़ और चेतन में फर्क क्या है
हम यह जानते हैं कि हर वस्तु का आधार अणु और परमाणु हैं . फिर ये भेद क्यों कि किसी को हम जड़ कहते हैं किसी को चेतन . इन छोटे छोटे कणों में विशाल उर्जा समायी हुई है . इस उर्जा का धनात्मक या ऋणात्मक दोनों उपयोग किया जा सकता है . यह बात भी कही जाती है कि हर चीज के दो पहलु होते हैं और यह सत्य भी है . ऋण और धन के बिना उर्जा का प्रवाह नहीं होता . उचाई के बिना गहराई नहीं होती . अच्छे के बिना बुराई नहीं होती .
अगर दूसरा पहलु नहीं हो तो शायद उस गुण को पहचानना मुश्किल हो जाये . ठण्ड है तो गर्मी भी है , अगर एक नहीं होता तो पता कैसे चलता कि क्या ठण्ड है और क्या गर्मी .
जब हर वस्तु का आधार अणु परमाणु हैं तो जड़ और चेतन का अंतर क्यों ? ऐसा क्या है जिससे कोई वस्तु चेतन होती और दूसरी जड़ . मशीन, वाहन इत्यादि चलायमान हैं लेकिन चेतन नहीं . तो चलायमान होना भी चेतना नहीं है . संवाद कर लेना भी मशीनों के बीच संभव है , यह भी भेद नहीं प्रकट करता जड़ और चेतन का . या यह हमारी सोच का अंतर है कि जिस बात को हम महसूस नहीं कर पाते उसे जड़ कह देते हैं और जिसे कर पाते हैं उसे चेतन . मनुष्य के विभिन्न स्नायु तंत्रों की भी एक सीमा है और इसीसे विज्ञानं ने विभन्न तरंग धैर्यता को मनुष्य की समझ के अनुसार अलग अलग दर्शाया है . जैसे प्रकाश की अलग तरंग धैर्यता है तो ध्वनि की अलग . अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकाश की गति ही तीव्रतम मानी गयी है . लेकिन पराविज्ञान इससे भी तेज उर्जा के बारे में जानता है जैसे संवादों और विचारों का तुंरत एक स्थान से दूसरे स्थान पहुच जाना .
कुछ दिनों पहले एक प्रयोग किया गया है जिसमे अन्तरिक्ष की एक सम्बह्वित दिशा में एक सन्देश भेजा गया है जिसे अनुमान से २० वर्ष लेंगे वहां तक पहुँचने के लिए ? इतने लम्बे प्रयोग का क्या फल होगा ये तो समय ही बताएगा कितने लोग हैं आज जो उसका कोई सम्बह्वित उत्तर आने तक जीवित रहेंगे . विज्ञान कि अभी की अवस्था बहुत ज्यादा सक्षम नहीं है ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने के लिए
शनिवार, 5 सितंबर 2009
राजशेखर रेड्डी ने इतिहास कायम कर दिया
आन्ध्र प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री राजशेखर रेड्डी का एक दुर्घटना में देहावसान हो गया. उनकी मृत्यु के बाद उमडे जन सैलाब ने स्वंत्रता भारत में एक इतिहास रच दिया . जनता को रोकने के लिए उनके पुत्र ने उनके शरीर को एक घंटे पहेले दर्शन स्थल से स्थानांतरित करवा दिया क्योंकि जन सैलाब नियंत्रण में नहीं आ रहा था . ऐसी जनता की श्रद्धांजलि स्वतंत्र भारत में एक मिसाल बन गयी है. उनकी मृत्यु के बाद १५० से ज्यादा लोगों ने आन्ध्र प्रदेश में अपनी इह लीला समाप्त कर ली . श्रद्धांजलि ऐसे जन नेता को .
मंगलवार, 1 सितंबर 2009
चिट्ठाजगत लगाना ट्रंक कॉल हो गया :)
रोज शाम को चिट्ठाजगत से प्रेम पत्र आ जाता है कि और इतने नए प्रेमी जुड़े उनका स्वागत करें . जब लिंक को क्लिक करिए तो घूमता हुआ चक्र देखकर इन्तेजार करिए . कृपया प्रतीक्षा करें आप कतार में हैं . सर्वर की बैंड विड्थ बढ़ाने का समय आ गया है . बधाई इतने पोपुलर होने के लिए
इन्टरनेट के खतरों के खिलाडी
अभिनेत्री Jessica Biel सबसे ऊपर हैं खतरों की लिस्ट में . यह खतरों की लिस्ट जारी की है mcafee नाम की antivirus कंपनी ने. खतरा यह बताया गया है कि इन नामचीन लोगों को इन्टरनेट में सर्च करने और सम्बंधित साइट्स में जाने से वाइरस, ट्रोजन, स्पाई वेयर का खतरा बहुत ज्यादा है . इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं पॉप स्टार Beyonce . तीसरे स्थान पर हैं अभिनेत्री Jennifer Aniston . The Obamas इस लिस्ट में काफी नीचे हैं . इन नाम से सम्बंधित साइट्स पर जाने और डाउनलोड करने से आपके कंप्यूटर की सुरक्षा को बहुत खतरा हो सकता है .
इसी तरह नोर्टन नाम की दूसरी कंपनी ने १०० सबसे खतरनाक वेब साइट्स की लिस्ट जारी की है. इनमे जाने मात्र ही से आप अपने कंप्यूटर और अपनी जानकारी को खतरे में डाल रहे हैं .
कई सोशल नेट्वर्किंग साइट्स पर भी ये आरोप लगा है वह सदस्यों की जानकारी बेच रही हैं .
नोर्टन की लिस्ट में शामिल कुछ नाम :
17ebook.com
aladel.netbpwhamburgorchardpark.org
clicnews.com
dfwdiesel.net
divineenterprises.net
fantasticfilms.ru
gardensrestaurantandcatering.com
ginedis.com
gncr.org
hdvideoforums.org
hihanin.com
kingfamilyphotoalbum.com
likaraoke.com
mactep.org
magic4you.nu
marbling.pe.kr
nacjalneg.info
pronline.ru
purplehoodie.com
qsng.cn
seksburada.net
sportsmansclub.net
stock888.cn
tathli.com
teamclouds.com
texaswhitetailfever.com
wadefamilytree.org
xnescat.info
yt118.com
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