बुधवार, 7 अक्तूबर 2009

मेरी देवभूमि यात्रा ४

गुप्तकाशी से फाटा नाम की जगह से हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध है केदारनाथ जी के लिए . यह जगह गुप्तकाशी से करीब १८ किलोमीटर दूर है . परम्परागत मार्ग गौरीकुंड से पदयात्रा या घोडे या पिट्ठू से की जा सकती है . पिट्ठू उस व्यक्ति को कहा जाता है जो मनुष्य या सामान को अपनी पीठ में ढोकर ले जाता है . गौरीकुंड से केदार जी की दूरी १४ किलोमीटर है.
हेलीकॉप्टर शासकीय पवन हंस और एक निजी सेवा की भी उपलब्ध है . आने जाने का एक व्यक्ति का किराया ७ हजार है . आप चाहें तो सुबह जाकर दो घन्टे बाद दर्शन करके वापस आ सकते हैं . अगर आपको विशेष पूजा में शामिल होना है तो रात्रि विश्राम कर दूसरे दिन वापसी कर सकते हैं . हमने रात्रि विश्राम का निश्चित किया . रात्रि में अच्छी ठण्ड थी .यहाँ मोटी दोहरी रजाइयों का उपयोग करना होता है . पानी सामान्यतः काफी ठंडा होता है . गर्म पानी की अलग से कीमत देनी होती है .

                                                                     हिमाच्छादित पर्वत श्रंखला




                    केदारनाथ जी 






                                                       हेलिपड से केदारनाथ जी का विहंगम दृश्य

क्रमशः:

5 टिप्‍पणियां:

Anil Pusadkar ने कहा…

ललचाने वाली तस्वीरें हैं।देखते ही यात्रा पर निकल पड़ने की इच्छा हो रही है।

संगीता पुरी ने कहा…

अच्‍छी जानकारी दी आपने .. पिक्‍चर्स भी सुंदर हैं .. धन्‍यवाद !!

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर लगी आप की यह यात्रा, ओर चित्र भी बेहद सुंदर, १७ किमी की यात्रा के लिये ७००० रुपये? ज्यादा नही फ़िर पेदल भी जाया जा सकता है, तो सुबह सबेरे निकल जाओ जहा २ घंटे लगते होगे यहा ४घंटे लगे गे.लेकिन बहुत अच्छा लगा.
धन्यवाद

दिगम्बर नासवा ने कहा…

Lajawaab chitron se saji post .... sundar jaankari ...

tulsibhai ने कहा…

" behad khubsurat jankari ...acchi tasvir ..aur sab se acchi aapki lekhni ..her pal ko kaid kar diya hai aapne "

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com