गुरुवार, 15 अक्तूबर 2009

मेरी देवभूमि यात्रा ७

प्रातः अपने वापसी के अंतिम पडाव हरिद्वार के लिए निकले . रास्ते में ऋषिकेश से १८ किलोमीटर पहले वशिष्ठ  गुफा है. गंगा के किनारे एक अत्यंत मनोरम और शांत स्थान . किवदंती है कि इसी स्थान में वशिष्ठ मुनि ने राम जी को शिक्षा दी थी . गुफा में शिवलिंग है प्रकाश के लिए केवल दीपक की रौशनी है .कहा जाता है किसी समय में यह गुफा बद्रीनाथ और केदारनाथ से जुडी हुई थी और इनकी दूरी मात्र ७ मील थी .
ऋषिकेश में प्रसिद्ध लक्ष्मन झूला और नए राम झूला के दर्शन हुए . लोगों ने लक्ष्मन झूला  को भी नहीं छोडा अपने प्रचार के लिए !

पद यात्री

यात्री जत्था बस में
सायंकाल हरिद्वार पहुंचकर गंगा जी की आरती के दर्शन के बाद रात्रि विश्राम . प्रातःकाल रेल से घर  वापसी यात्रा प्रारंभ .

एक पुल


ऋषिकेश के पास राफ्टिंग करते लोग


वशिष्ठ गुफा


राम झूला


लक्ष्मण झूला


गंगा जी की आरती


गंगा जी

इति

7 टिप्‍पणियां:

अर्शिया ने कहा…

हम भी आपकी इस पवित्र यात्रा के गवाह हो गये।
धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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पी.सी.गोदियाल ने कहा…

सिन्हा साहब, हालांकि मैं उसी क्षेत्र का रहने वाला हूँ मगर आज जब फुरसत के पलो में आपकी उत्तराखंड यात्रा के सातो वृत्तांत पढ़े , बहुत अच्छा लगा, बहुत ही दुर्लब चित्र आपने संजोये है ब्लॉग पर ! बहुत बहुत धन्यवाद और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये !

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर लेख , सुंदर मनमोहक चित्र, एक बात क्या यह वशिष्ठ गुफा अब बन्द है या अब भी गुगा मै सात किलो मीटर तक घुमा जा सकता है, मुझे ऎसी बाते बहुत लुभाती है इस कारण पुछा है. धन्यवाद
आप को ओर आप के परिवार को दिपावली की शुभकामानायें.

P.N. Subramanian ने कहा…

आपकी देवभूमि की यात्रा की सफलता पर बधाई. हमने भी अनुसरण किया परन्तु बीच मकी कुछ प्रविष्टियाँ छूट गयीं. आभार.

Anil Pusadkar ने कहा…

मज़ा आ रहा है देवभूमी की यात्रा में।चित्र देख कर ही खुश हो रहे हैं।

Anil Pusadkar ने कहा…

मज़ा आ रहा है देवभूमी की यात्रा में।चित्र देख कर ही खुश हो रहे हैं।

Meenu Khare ने कहा…

देवभूमि यात्रा की सफलता पर बधाई.आप को दीपावली की शुभकामानायें.