मंगलवार, 27 अक्तूबर 2009

नंगा नंगा खेलें हम

 न बाप बड़ा न भैया सबसे बड़ा रुपैया यह तो साबित कर दिया बिग बॉस ने . एक विवाहित महिला जो कि अंतर्राष्ट्रीय श्रीमती का  सम्मान पा चुकी है,  खुले आम एक पर पुरुष के अंतर्वस्त्र  उतारते हुए . और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को तो मसाला मिल गया क्योंकि अभी तक वोह फ़िल्मी दुनिया के बारे में सुनाते ही रहे हैं अब देख भी लीजिये ये  किस हद तक जा सकते हैं . जब ये सब कैमरा के सामने हो रहा है तो पीछे तो भगवान मालिक है . बड़ी प्रतिक्रियाएं हो रही हैं , सरकार ने भी चैनल को नोटिस थमा दिया है . लेकिन ये सब कुछ नया तो नहीं है . पहेले फिल्मों की काल्पनिक कथाओं के द्वारा अन्तरंग दृश्य दिखाए जाते रहे और अब छोटे परदे के द्वारा यह आपके घर तक घुस आया. समाचारों में भी बखान किया जा रहा है कि ये टॉप में चल रहा है . सबसे ज्यादा लोग इसे ही देख रहे हैं . सदी के महानायक इसके सूत्रधार इस कहानी में अपने मेहमानों को इसके विवादस्पद  सीन दिखाकर आनंद ले रहे हैं . पता नहीं श्री हरिवंश रॉय बच्चन  की आत्मा कौन सी नयी मधुशाला लिख रही होगी . आज ही एक ब्लॉग में मैंने पढ़ा कैसे
इस देश के लोग अपने ही देश के दूसरे क्षेत्रों के लोगों से नीचता पूर्ण व्यवहार करते हैं . कहाँ है हमारी संस्कृति जिसका हम ढपोरशंख  बजाते रहते हैं . यही दोमुही स्तिथि हमें कहीं का नहीं रख रही है  . आज हमारा समाज एक संक्रमण  काल में खडा है . जहाँ से आगे कहाँ जाना है पूरी तरह से व्यक्तिगत होता जा रहा है . कुछ दिनों पहले एक रेस्तरां के बाथरूम में दो युवा खुले आम अंतरंगता  की बात कर रहे थे . रायपुर जैसे मझोले शहर का यह  हाल है तो महानगरों का तो ............. कोई आज दिशा दिखने वाला नहीं बचा है इस देश को . पैसा पैसा पैसा बस एक अमोघ अस्त्र बचा है जिसके पीछे सब भागे जा रहे हैं . यह गैरजरूरी है कि यह कैसे आ रहा है . इसीकी परिणित है झिलमिलाते परदों की कहानियां . बाजार का नियम है वह वही वस्तु बनाएगा जो बिक सकती है . और आज क्या बिक रहा है सब देख रहे हैं . गलती किसीकी की नहीं है क्योंकि चुपचाप   देखते रहना हमारी
आदत में सदियों से शुमार है .

5 टिप्‍पणियां:

मुनीश ( munish ) ने कहा…

Shame on the bastards who want to ruin our culture and civilization !

Anil Pusadkar ने कहा…

खामोश रहना बुराई को समर्थन देने जैसा ही है।

दिगम्बर नासवा ने कहा…

उपभोगता वाद का ज़माना है ......... जो बिक रहा है वो मीडिया बेच रहा है .......... पर नैतिकता की बात कोन बतायेगा इस बेलगाम मीडिया को ........... इस मामले में सरकार ही पहल कर सकती है ......... या कोई और मीडिया, जो कभी करेगा नहीं .......

राज भाटिय़ा ने कहा…

एक विवाहित महिला जो कि अंतर्राष्ट्रीय श्रीमती का सम्मान पा चुकी है
ओर आप का यह बिग बॉस
यही सब दिखा कर इतना ऊपर पहुचे है, ओर यह सम्मान भी ऎसे ही नही मिला हमे इन सब बातो का विरोध करना चाहिये, ओर ऎसे प्रओगराम देखने नही चाहिये.

cmpershad ने कहा…

पैसे की चकाचौंध सब को अंधा बना रही है।...जिन्हें नाज़ है हिंद पर वो कहां है?