केन्द्रीय सरकार ने देशद्रोहियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का विचार त्याग दिया है !! क्योंकि इससे माहौल खराब होने का अंदेशा है कश्मीर में ? आज जो हालत हैं उससे ज्यादा क्या हालत खराब होंगे वहाँ ।
जब भी किसी संगठित अपराधी गिरोह चाहे वो कश्मीरी अलगाववादी हों या नक्सलवादी , सरकार उनसे सम्झौता करती है तो क्या संदेश जाता है आम जनता में । कि अपराध करना हो तो बड़ा करो , छूट भी जाओगे और सम्मान भी मिलेगा । एक छोटा गरीब चोर जेल में दाल दिया जाता है । छोटा अपराधी और आम जनता पुलिस से घबराती है लेकिन अगर आपने अपना गिरोह बना लिया तो सरकार आपको माला पहनाती है ।
सविधान निर्माता डॉ अंबेडकर ने कहा था अगर यह सविधान फेल हो गया तो इसे जला देना चाहिए क्या वह समय आ गया है ।
पता नहीं कब इस देश को लोग जगेंगे इस देश में छुपे गद्दारों को पहचानेगे । एक नहीं अनेक अरुंधति हैं यहाँ ।