आज एक विज्ञापन देखा तो सुखद आश्चर्य हुआ की अभी भी संस्कृत आम भाषा के रूप में बोली जा रही है .
विज्ञापन में संदर्भ था मैंगलोर से 100 किलोमीटर दूर एक गाँव मत्तूर का . जिज्ञासावस गूगल में खोज की तो एक और गाँव मिला मध्य प्रदेश में "झिरी " इंदौर से 150 किलोमीटर दूर है यह गाँव जहाँ मालवी की जगह संस्कृत बोली जाती है .
इसी तरह मेतुर के बारे में यहाँ पढ़ें http://www.tribuneindia.com/2000/20000322/haryana.htm#5