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गुरुवार, 9 सितंबर 2010
चिकित्सा से उत्पन्न चोट का सहायक सेवा संस्थान
हमारे देश में जहां अभी पूरी तरह से चिकित्सा व्यवस्था भी उपलब्ध नहीं है क्या ऐसी कोई व्यवस्था हो सकती है ? हमारी सबसे बड़ी कमजोरी रही है हर बात की नकल करने की, आज यह हो गया है की किसकी नकल करें , इसलिए फैसले या तो लिए नहीं जाते या अनिश्चित काल के लिए विलंबित होते हैं। हमारे नीति निर्धारकों ने स्वास्थ्य और शिक्षा को न्यूनतम श्रेणी में रखा लंबे समय तक और इसे बीच वाली श्रेणी में रखा याने तेरा माई बाप कौन । सारी अव्यवस्थाओं का कारण है हमारी मध्यवर्ती सूची जिसे फूटबाल के तरह जनता झेल रही है ।


शुक्रवार, 17 अप्रैल 2009
बर्बरता ने एक और मासूम की जान ले ली
एक शिक्षक के व्यवहार ने एक मासूम की जान ले ली । कौन जिम्मेदार है इसके लिए ? हमारी व्यवस्था जिसने शिक्षा और स्वास्थ्य को एक व्वयसाय में बदल दिया है । हमारी मानसिकता हमें कहाँ ले कर आ गई जहाँ हर चीज सिर्फ़ एक व्यावसायिक रूप में देखी जाती है , सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए कोई भी कुछ भी बन सकता है , उसके लिए मानसिक रूप से तैयार हुए बिना । कोई aptitude test के बिना कोई भी कुछ भी बन सकता है , क्या यही सवैधानिक अधिकार है ?
हमारी व्यवस्था ने हमारे बौद्धिक धन का बहुत नुक्सान किया है उसके बारे में फिर कभी .
हमारी व्यवस्था ने हमारे बौद्धिक धन का बहुत नुक्सान किया है उसके बारे में फिर कभी .
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