हरिद्वार से बद्रीनाथ की दूरी ३०२ किलोमीटर है .रुद्रप्रयाग से बद्रीनाथ और केदारनाथ का रास्ता अलग होता है . रुद्रप्रयाग >गौचर > कर्णप्रयाग > नंदप्रयाग >चमोली >पीपलकोटी >जोशीमठ >विष्णुप्रयाग>गोबिंद घाट >पान्दुकेश्वर >बद्रीनाथ.
नंदप्रयाग
शाम तक गोबिंद घाट पहुंचकर रात्रि विश्राम . यह वह स्थान है जहाँ से हेमकुंड साहिब के लिए पैदल पथ प्रारंभ होता है . यहीं से प्रसिद्ध फूलों की घटी का रास्ता भी जाता है . दोनों स्थानों के प्रवास के लिए ४-५ दिन लगते हैं . जोशीमठ वह स्थान है जहाँ शीतकाल में बद्री जी का निवास होता है . इस क्षेत्र में ५ की संख्या का काफी महत्व है . पांच प्रयाग हैं याने पांच जगह विभिन्न नदियों का संगम है . पांच केदार भी हैं पंचकेदार .साथ साथ सड़क और नदी
हेमकुंड जाते जत्थों का विश्राम
दुर्गम राहें
पहाडी खेत में काम करती महिलाएं माँ परम्परागत पोशाक में तो बिटिया पैंट शर्ट में. महिला से हुई बातचीत से पता चला यहाँ आलू , गोभी और बैगन की पैदावार होती है. बच्चे सभी पढ़ रहे हैं और छुट्टी के दिन परिवार की मदद खेतों में करते हैं .
फूलों की बिखरी छटाक्रमशः:
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