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गुरुवार, 23 जुलाई 2009

क्या राहुल गाँधी का युवक कांग्रेस की सफाई का प्रयास सफल होगा

राहुल गाँधी का कांग्रेस को बदलने का प्रयास अगर सफल होता है तो इस देश में राजनीती को एक नयी दिशा मिलेगी . राहुल गाँधी ने एक गैर सरकारी संघठन को जिसके मुखिया भूतपूर्व चुनाव आयुक्त लिंगदोह हैं को युवक कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव लड़ने वालों का इतिहास जांचने का काम दिया है . उनका निर्देश है कि कोई भी व्यक्ति जिसकी छवि अच्छी नहीं है उसे संगठन में जगह न मिले. इस कार्य का प्रारंभ उन्होंने युवक कांग्रेस के चुनावो से किया है . पुदुचेरी में एक संदिघ्द छवि वाले को चुनाव नहीं लड़ने दिया गया .

उन्होंने इस संस्था को एक प्रतिभा ढूँढने का काम भी दिया है जिससे ऐसे लोग जो राजनीती में अच्छा काम करना चाहते हैं लेकिन आजकी स्तिथि देखकर नहीं आते उन्हें प्रोत्साहित किया जायेगा. अब युवाओं का प्रवेश व्यक्ति पूरक होगा न कि किसी के दबाव में .
लेकिन जो अभी भी दागी छवि वाले लोग पार्टी में हैं उनके बारे में ज्यादा उल्लेख नहीं है .

शनिवार, 25 अप्रैल 2009

तुमको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूँ

राहुल गाँधी ने आज बंगाल में जो कहा उसे सुनकर kamnishthon को मिर्ची लग गई । यहाँ छपाई की भूल नही है ये खाते तो भारत का लेकिन बजाते कहीं और का हैं। चार साल तक सरकार के साथ रहते रहते इन्हे याद नही था कि राजीव गाँधी ने क्या कहा था - "कोल्कता एक मृत शहर है"। आज जैसे ही राहुल ने कहा कि बंगाल में तो उत्तर प्रदेश से भी कम विकास हुआ है तो इनके तोते उड़ गए । फिर ख्याल आया, बंगाल की अतिसंवेदी जनता के लिए उनकी डूबती नैया का खेवनहार मिल गया । अब ये जनता को ये संदेश देकर बर्गलायेंगे , और इसके सिवा उनको आता क्या है । जिंदगीभर यही तो किया है .