क्या एनडीटीवी नक्सलवाद का समर्थक है . लगता तो ऐसा ही है . एनडीटीवी यह बात साफ़ करे की उनका इन महाशय से क्या संबंध है . आज जब पूरा देश एक बड़े षड्यंत्र से जूझने के लिए एक जुट हो रहा है तो ऐसे समय इस तरह की विचारधारा को प्रोत्साहन देना क्या साबित करता है . क्या आज एलेक्ट्रोनिक मीडिया अपने आप को स्वयंभू समझ बैठा है और उसे इस तरह की अराजकता और देशद्रोह फैलाने की छूट किसने दे रखी है .
चिदम्बरम जी ध्यान दें उनकी नाक के नीचे और कितने षड्यंत्र राजधानी में ही रचे जा रहे हैं
http://khabar.ndtv.com/2009/10/21002329/column-priyadarshan-maoists.html