आप में से बहुतों ने शायद यह विज्ञापन टीवी में देखा होगा . यह एक बहुराष्ट्रीय कंपनी का विज्ञापन है.
याद आ गया बचपन जब नमक और कोयले के चूर्ण का उपयोग होता था दाँत साफ़ करने के लिए . वही फॉर्मूला अब एक पैक टूथपेस्ट में महंगे दामों में उपलब्ध कराया जा रहा है . यही है विज्ञान की प्रगति . नीम और बबूल के दातून जिन्होने उपयोग किए उन उम्रदराज लोगों के दाँतो की आज भी सुरक्षा कर रहे हैं .
जिस तरह विदेशी लोगों ने भारतीय पेड़ों और जड़ीबूटियों का पेटेंट करवाने का प्रयास किया कहीं उनका अगला प्रयास नमक का पेटेंट करवाने का न हो .