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शनिवार, 6 मार्च 2010

क्या नन्दन निलेकनी प्रीमियम एसएमएस के जरिये देश की गरीब जनता से सवाल पूछ रहे हैं ?

मोबाइल फोन के गिरते हुए काल रेट से परेशान इन कम्पनियों ने नए नए तरीके ढूँढे हैं . इनमे सबसे पहले शामिल हुए टीवी सिरियल जो एसएमएस के जरिये वोट माँगते हैं . एक एसएमएस तीन रुपए का . आगे बढ़ते हुए प्रतियोगिता प्रारंभ हुई "इन्हे पहचानिए" इत्यादि . पहचान सरल आप प्रतीक्षा कर रहे हैं मुख्य व्यक्ति से बात करने की और आपके बिल में 16 जी हाँ 16 रुपए प्रति मिनट जुड़ रहे हैं.. जानकारों का कहना है यह काल तबतक चलती रहती है जबतक कोई और मुर्गा न फंस जाए या आप काल काट दें.

इस धंधे में अब एफ़एम रेडियो और अख़बार भी शामिल हो गए हैं.एक बड़े अख़बार में जब इस तरह का विज्ञापन देखा तो चौंकना स्वाभाविक  था . नन्दन निलेकनी जिन्हे uid(राष्ट्रीय पहचान पत्र) प्रोजेक्ट का मुखिया बनाया गया है जनता से तीन सवाल पूछ रहे हैं एसएमएस के जरिये .! जिनके साथ पूरे देश की सरकार शामिल है और हजारों करोड़ का बजट जिन्हे दिया गया है वो इस तरह का काम क्यों कर रहे हैं ?
अगले साल ऐसे भी जनगणना होने वाली है जिसमे जनता के विचार भी आजकल जाने जाते हैं ,सरकार द्वारा, विभिन्न विषयों में फिर ऐसे प्रायोजित कार्यक्रम की क्या जरूरत आन पड़ी . इस तरह के प्रायोजित एसएमएस में पैसा बटता है प्रायोजक और मोबाइल कंपनी के बीच. नन्दन निलेकनी क्या इस कार्य में शामिल हैं , लगता तो नहीं है .

बुधवार, 22 अप्रैल 2009

एक अपील

जो कुछ भी कुछ समय से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में नक्सलवाद और बिनायक सेन के बारे में ग़लत बयानबाजी हो रही है , उसका छत्तीसगढ़ के पत्रकार अपने संपर्कों को सही स्थिति बताकर ये दुष्प्रचार बंद करवाएं।
हद ही हो गई अरुंधती रॉय के नेशनल मीडिया को दिए बयान में "There is a civil war in this state" यानी छत्तीसगढ़ में अराजकता फैली हुई है ? शायद अरुंधती जी को यहाँ के पत्रकारों द्वारा पूछे प्रश्न भारी लगे । ये बयान मेधा जी ने प्रेस को भेजा है , मेधाजी ने मीडिया मैनेजमेंट का नया काम संभाल लिया है , बधाई हो।