बुधवार, 14 अप्रैल 2010

काँग्रेस ये फैसला कर ले कि वह नक्सलवाद के साथ है?

आज दिग्विजयसिंग जो मध्यप्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में अखिल भारतीय कॉंग्रेस के महासचिव हैं ने एक बयान में चिदम्बरम के नक्सल विरोधी अभियान को गलत बताया है http://naxalwatch.blogspot.com/2010/04/digvijay-questions-chidambarams-naxal.html  .
 इससे तो यही माना जाना चाहिए कि यह कॉंग्रेस पार्टी का मत है, क्योंकि न तो सोनिया गांधी न राहुल गांधी ने कोई भी विचार इस बारे में व्यक्त किया है . न ही इनहोने कोई संवेदना भी दंतेवाड़ा में मारे कर्मियों के बारे में प्रकट की है .
कल ही गृह मंत्रालय ने एक पत्र सभी मंत्रियों और अधिकारियों को जारी कर के कहा था कि इस बारे में केवल गृह मंत्रालय ही आधिकारिक बात कहेगा . दिग्विजयसिंह तो इस सीमा में नहीं आते लेकिन उनकी बात उनके ख़िलाफ़ समाचार पत्र में लगाये आरोप को और पक्का करती है जिसे यहाँ दर्शाया गया है . शायद यह बयान चिदम्बरम के बयान के जवाब में आया है .
काँग्रेस पार्टी को देश की जनता के सामने अपना पक्ष रखना जरूरी है क्योंकि ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि उसके कुछ सहयोगी दल नक्सल समर्थक हैं .इस घटना में मारे गए लोग केंद्रीय सुरक्षा बल के थे इसलिये केंद्र इससे पल्ला भी नहीं झाड़  सकती .

4 टिप्‍पणियां:

ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey ने कहा…

कॉग्रेस तो (किसी अन्य दल की तरह) राजनीति कर रही है। कीचड़ सनी राजनीति। पर दिग्विजय की एक बात तो सही है कि सुशासन और विकास जरूरी है नक्सलवाद के खात्मे के लिये।
जब अराजकता होती है, तभी रॉबिनहुड (?) पनपते हैं!

मो सम कौन ? ने कहा…

डा. साहब,
बहुत शातिर हैं ये राजनीतिज्ञ,
एक नेता कुछ कहेगा और दूसरा कुछ और,
दोनों पक्ष सेट, अगर बात बढ़ गई तो बयान आ जायेगा कि ये उनका निजी मत है।

डॉ महेश सिन्हा ने कहा…

@ ज्ञानदत्त जी
द्गिग्विजय से पूछिये इतने साल मुख्यमंत्री रहे मध्यप्रदेश के क्या किया इनहोने .सूप बोले तो बोले छलनी भी बोल रही है .अब तो काँग्रेस प्रवक्ता ने भी डांट पिला दी है इन्हे

दिगम्बर नासवा ने कहा…

राजनीति में सब कुछ संभव है ... क्या पता ये सब अलग अलग बयानबाज़ी भी कांग्रेस के कहने पर हो रही हो ...