मंगलवार, 19 जनवरी 2010

भगवान राम की सहायता से पर्यावरण सुधार

चौंक गए न आप ! मैं भी चौंक गया था शीर्षक पढ़ के . लेख पढ़ा तो समझ आया की कितना अभिनव प्रयास कर रही एक संस्था धर्म के सहारे . जहाँ लोग धर्म के नाम पर न जाने अपने कितनी दुकानदारी चला रहे हैं वहीं एक संगठन "रौनक एवं जागरूक समाज संस्था " ने लखनऊ से 250 किलोमीटर दूर सोनभद्र में अपना अभियान चला रखा है .
ये जगह जगह रामायण का पाठ करवाते हैं और प्रसाद के रूप में पौधे देते है . इनका यह कार्यक्रम काफी सफल हो रहा है , क्योंकि लोग प्रसाद का सम्मान करते हैं .
रौएजसस (REJSS) ने पिछले 6 महीने में इस तरह 18000 पौधों का वितरण किया है .
सोनभद्र के अलावा वाराणसी, चंदौली और मिर्ज़ापुर में भी यह अभियान चलाया गया है .
डिंपल सिंह जो इस संस्था की एक प्रवक्ता हैं ने बताया की पिछले पाँच सालों से वे ये अभियान स्कूलों में चला रहे थे लेकिन उन्हे इतनी सफलता नहीं मिली जितनी अब मिल रही है .इस कार्य के लिए जनता भी मुक्त हस्त से दान दे रही है . संस्था की योजना धीरे धीरे इसे राज्य के अन्य जिलों में ले जाने की है .

"जय श्रीराम करो कल्याण  "

सौजन्य : याहू और आईएएनएस
(Asit Srivastava can be contacted at asit.s@ians.in)

7 टिप्‍पणियां:

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत ही अच्छा प्रयास है ..... और वो भी प्रभू के नाम से .... ये तो और भी अच्छी बात है ..........

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर बात बताई आप ने, चलिये इसी बहाने से हरियाली तो बढे

प्रज्ञा ने कहा…

राम के नाम पर ही सही, किसी तरह से तो कुदरत बचे। वैसे पहल अच्छी है।

प्रज्ञा ने कहा…

भगवान राम के नाम पर ही सही कुदरत किसी तरह तो बचे। पर्यावरण को बचाने का अच्छा प्रयास है।

राजीव कुमार ने कहा…

बहुत बढ़िया कोशिश, प्रकृति को बचाने के लिए किए जा रहे ऐसे प्रयासों को बढ़ावा मिलना चाहिए। मुझे तो लगता है कि आपसी मेल-मुलाकातों में भी गिफ्ट के तौर पर पौधे देने चाहिए।

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

अभिनव प्रयाश है, राजीव जी ने अच्छा सुझाव दिया है. हमे इसके साथ साथ पहले से लगाये गये पेडो को जीवित रखने के सम्बन्ध मे भी सोचना चाहिये.

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

... सराहनीय प्रयास है... शुभकामनाएं !!!!