बुधवार, 23 दिसंबर 2009

हम रहते कहीं और हैं और हमारा मतदान कहीं और ?

हमारा परिवार जन्म से ही एक मुहल्ले में रह रहा  हैं . समय चलते मुहल्ला बड़ा हो गया तो इसमें भी विभाजन हो गया . लेकिन एक चीज कायम थी की जहाँ रहते थे वहीं के मतदाता  थे . इस बार पता नहीं क्या विछेदन हुआ की हमारा मतदान पड़ोस के नहीं बल्कि तीसरे मुहल्ले में पहुँच गया . ये तो भला हो एक प्रत्याशी की पर्ची  का,कि पता  चल सका की हमारा मतदान केंद्र कहाँ है . लेकिन यह व्यवस्था कुछ समझ नहीं आई . महापौर तो ठीक है शहर का होता है लेकिन पार्षद तो मुहल्ले का होता है !

9 टिप्‍पणियां:

निर्मला कपिला ने कहा…

सभी जगह यही हाल है। ये सब बिग चोटें डलवाने के लिये किया जाता है। धन्यवाद्

दिगम्बर नासवा ने कहा…

राजनीति की माया है ........

डॉ टी एस दराल ने कहा…

जी हाँ, ये सब हेरा-फेरी वोटों के चक्कर में है।

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…

चुनाव हेतु क्षेत्र तय करने से लेकर मतदाता सूची प्रकाशन तक सब रामभरोसे है क्‍या कहें. पांच साल पहले हमने और हमारी श्रीमती नें लाईन लगाकर मतदाता परिचय पत्र के लिए फोटो खिंचवाया, भारी दौंड भाग के बाद जब परिचय पत्र मिला तो देख हमारा परिचय पत्र तो एकदम सही था किन्‍तु श्रीमती के परिचय पत्र में फोटो किसी बुढिया का था बाकी जानकारी सहीं थी अब इसे हटवाने के लिए सैकडों चक्‍कर लगाये पर नया परिचय पत्र नहीं बना.

अभी लोकसभा चुनाव में जब मतदाता परिचय पत्र बनवाने की बारी आई तो भी ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को ढूढ कर जब थक हार गये तो उन्‍हें उनका पासपोर्ट साईज फोटो दिया पर जब मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ तो उसमें श्रीमती का फोटो नहीं था यही क्रम व विधान सभा चुनाव के पूर्व हुआ और अब निगम चुनाव के पूर्व, हमारे लाख शिकायत करने के बावजूद गली गली घर घर घूमने वाले फोटोग्राफर हमारे घर नहीं आये ना फोटो खिंच सका. हम तो सामान्‍य जनता है हमें यहां तक पता चला है कि पूर्व मुख्‍य मंत्री अजीत जोगी के परिचय पत्र में भी फोटो किसी और का लगा था तब रात के दो बजे परिचय पत्र बनाने वाले ठेकेदार को उठाकर उनका परिचय पत्र सुधरवाया गया था.

बढी कोफ्त होती है इस सढेली व्‍यवस्‍था को देखकर.

राज भाटिय़ा ने कहा…

गोल माल है भाई सब गोलमाल है.... सब राम भरोसे है जी

ज्ञानदत्त G.D. Pandey ने कहा…

बधाई! आपका नाम मतदाता सूची में है। लखनऊ से लक्ष्यद्वीप तक भारत एक है।

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

Ajab desh ki Gazab kahanee.

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अंग्रेज़ी का तिलिस्म तोड़ने की माया।
पुरुषों के श्रेष्ठता के 'जींस' से कैसे निपटे नारी?

anjana ने कहा…

नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ|

Shri Krishna ने कहा…

Everything is possible in this world,
Sorry mein hindi mein type nahi kar sakta,
AApko nayi saal ki hardik subhkamnaye.